छत्तीसगढ़ के बस्तर में जवानों संग पीएम मोदी ने मनाई दिवाली, बोले— देश ने जीती नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी जंग

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली का त्यौहार मनाया। जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस बार की दिवाली बेहद खास है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत ली है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार देश का हर जिला नक्सलमुक्त हो चुका है और करोड़ों नागरिकों के मन से वामपंथी उग्रवाद का खौफ पूरी तरह खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री ने इसे एक असाधारण उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय देश के लाखों जांबाज सुरक्षाकर्मियों को दिया।

प्रधानमंत्री ने पुरानी स्थिति को याद करते हुए बताया कि एक समय देश के लगभग 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का बड़ा हिस्सा इस समस्या से जूझ रहा था। पीएम मोदी ने कहा कि 2004 से 2013 के बीच हर साल मारे गए नक्सलियों की तुलना में शहीद होने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या ज्यादा होती थी। तत्कालीन सरकारों ने नक्सलवाद को असाध्य बीमारी मान लिया था और इसका समाधान करने में नाकाम रहीं। उन्होंने रेखांकित किया कि 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है जब बीते एक साल में सीआरपीएफ का एक भी जवान ड्यूटी के दौरान शहीद नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने इसे सही नीतियों और मजबूत संकल्प की जीत बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए सुरक्षा बलों ने अनगिनत बलिदान दिए हैं। उन्होंने सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, आईआरबी, राज्य पुलिस बल, बस्तर फाइटर्स और महिला कमांडो सहित सभी विशेष बलों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा भाव से प्रेरित होकर सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का जीवन बदला है। इसी का नतीजा है कि कभी नक्सलवाद का दंश झेलने वाले लोग भी आज सरकार और सुरक्षा बलों के समर्थन में आगे आए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम करता है, तो शांति और सुरक्षा सुनिश्चित होती है और देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता है। बीते 12 वर्षों में देश ने न केवल नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ जंग जीती है, बल्कि गरीबी से लड़ाई में भी बड़ी सफलता हासिल की है। एक तरफ जहां 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं, वहीं दूसरी तरफ देश से नक्सली हिंसा का खात्मा हुआ है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बस्तर के करनपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सुरक्षा कैंप का दौरा भी किया।

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