शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत: बढ़त के साथ खुलने के बाद फिसले सेंसेक्स और निफ्टी, कच्चे तेल के दामों ने बढ़ाई चिंता

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मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 उच्च स्तर पर खुले, लेकिन जल्द ही अपनी बढ़त खो बैठे और गिरावट के साथ कारोबार करने लगे।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव 74,729.27 से 120 अंक यानी 0.16 प्रतिशत चढ़कर 74,849.30 पर खुला। हालांकि दिन के कारोबार में यह एक समय 560 अंक यानी 0.74 प्रतिशत फिसलकर 74,169.23 के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 23,150.85 पर सत्र की शुरुआत की, जबकि इसका पिछला बंद भाव 23,146.15 था।

व्यापक बाजारों (broad markets) में भी मिलाजुला रुझान देखने को मिला। निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स में 0.54 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी मिड कैप 100 इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे अधिक बढ़त वाला सूचकांक रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस में करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। दूसरी ओर, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी आईटी और निफ्टी केमिकल्स में दबाव रहा और ये सूचकांक 1 प्रतिशत तक फिसल गए।

पिछले सप्ताह निफ्टी में आई 2.8 प्रतिशत की तेजी और आईटी कंपनियों के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद अब बैंकिंग क्षेत्र की मजबूत आय रिपोर्टें बाजार को सहारा दे सकती हैं। हालांकि, होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव और ब्रेंट क्रूड का 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना बाजार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई के आंकड़े

पिछले कारोबारी सत्र में, लगातार 15 सत्रों तक बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) शुद्ध खरीदार बने थे और उन्होंने लगभग 1,166 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार 45 सत्रों से चली आ रही खरीदारी को रोकते हुए करीब 3,661 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की।

कमोडिटी और एशियाई बाजार

कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 1 प्रतिशत फिसलकर 100.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.83 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ हरे निशान में थे। वहीं इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट सूचकांक 5 प्रतिशत से अधिक टूट गया।

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